तेरी फरियाद - Teri Fariyad (Jagjit Singh, Rekha Bhardwaj, Tum Bin 2)

Movie/Album: तुम बिन 2 (2016)
Music By: निखिल-विजय, अंकित तिवारी
Lyrics By: फैज़-अनवर, शकील आज़मी
Performed By: जगजीत सिंह, रेखा भारद्वाज

अब कोई आस ना उम्मीद बची हो जैसे
तेरी फ़रियाद मगर मुझमें दबी हो जैसे
जागते-जागते इक उम्र कटी हो जैसे
अब कोई आस ना उम्मीद बची हो जैसे

रस्ते चलते हैं मगर पाँव हमें लगते हैं
हम भी इस बर्फ़ के मंज़र में जमे लगते हैं
जान बाकी है मगर साँस रुकी हो जैसे

वक़्त के पास लतीफे भी हैं मरहम भी है
क्या करूँ मैं कि मेरे दिल में तेरा ग़म भी है
मेरी हर साँस तेरे नाम लिखी हो जैसे
कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे

किसको नाराज़ करूँ, किससे खफ़ा हो जाऊँ
अक्स हैं दोनों मेरे किससे जुदा हो जाऊँ
मुझसे कुछ तेरी नज़र पूछ रही हो जैसे

रात कुछ ऐसे कटी है कि सहर ही न हुई
जिस्म से जां के निकलने की ख़बर ही ना मिली
ज़िन्दगी तेज़ बहुत तेज़ चली हो जैसे

कैसे बिछडू़ँ कि वो मुझमे ही कहीं रहता है
उससे जब बच के गुज़रता हूँ तो ये लगता है
वो नज़र छुप के मुझे देख रही हो जैसे

आज से तेरी - Aaj Se Teri (Arijit Singh, Padman)

Movie/Album: पैडमैन (2018)
Music By: अमित त्रिवेदी
Lyrics By: कौसर मुनीर
Performed By: अरिजीत सिंह

आज से तेरी, सारी गलियाँ मेरी हो गयी
आज से मेरा, घर तेरा हो गया
आज से मेरी, सारी खुशियाँ तेरी हो गयी
आज से तेरा, ग़म मेरा हो गया

ओ तेरे काँधे का जो तिल है
ओ तेरे सीने में जो दिल है
ओ तेरी बिजली का जो बिल है
आज से मेरा हो गया

ओ मेरे ख्वाबों का अम्बर
ओ मेरी खुशियों का समंदर
ओ मेरे पिन कोड का नंबर
आज से तेरा हो गया

तेरे माथे के कुमकुम को
मैं तिलक लगा के घूमूँगा
तेरी बाली की छुन छुन को
मैं दिल से लगा के झूमूँगा
मेरी छोटी सी भूलों
को तू नदिया में बहा देना
तेरे जुड़े के फूलों को
मैं अपनी शर्ट में पहनूँगा
बस मेरे लिए तू मालपूवे
कभी-कभी बना देना
आज से मेरी, सारी रतियाँ तेरी हो गयीं
आज से तेरा, दिन मेरा हो गया
ओ तेरे काँधे का...

तू माँगे सर्दी में अमिया
जो माँगे गर्मी में मूँगफलियाँ
तू बारिश में अगर कह दे
जा मेरे लिए तू धूप खिला
तो मैं सूरज को झटक दूँगा
तो मैं सावन को गटक लूँगा
तो सारे तारों संग चन्दा
मैं तेरी गोद में रख दूँगा
बस मेरे लिए तू खिल के कभी
मुस्कुरा देना
आज से मेरी, सारी सदियाँ तेरी हो गयीं
आज से तेरा, कल मेरा हो गया
हो तेरे काँधे...